दर्द भरी कहानियां

#💔दर्द भरी कहानियां *एक पागल भिखारी- एक मां का सच्चा बेटा* *पढियेगा जरूर* ———————————————– जब बुढ़ापे में अकेला ही रहना है तो औलाद क्यों पैदा करें उन्हें क्यों काबिल बनाएं जो हमें बुढ़ापे में दर-दर के ठोकरें खाने के लिए छोड़ दे । क्यों दुनिया मरती है औलाद के लिए, जरा सोचिए इस विषय पर। मराठी भाषा से हिन्दी ट्रांसलेशन की गई ये सच्ची कथा है । जीवन के प्रति एक नया दृष्टिकोण आपको प्राप्त होगा।समय निकालकर अवश्य पढ़ें। 👇 हमेशा की तरह मैं आज भी, परिसर के बाहर बैठे भिखारियों की मुफ्त स्वास्थ्य जाँच में व्यस्त था। स्वास्थ्य जाँच और फिर मुफ्त मिलने वाली दवाओं के लिए सभी भीड़ लगाए कतार में खड़े थे। अनायाश सहज ही मेरा ध्यान गया एक बुजुर्ग की तरफ गया, जो करीब ही एक पत्थर पर बैठे हुए थे। सीधी नाक, घुँघराले बाल, निस्तेज आँखे, जिस्म पर सादे, लेकिन साफ सुथरे कपड़े। कुछ देर तक उन्हें देखने के बाद मुझे यकीन हो गया कि, वो भिखारी नहीं हैं। उनका दाँया पैर टखने के पास से कटा हुआ था, और करीब ही उनकी बैसाखी रखी थी। फिर मैंने देखा कि,आते जाते लोग उन्हें भ… *See more* at https://sharechat.com/post/3NNmngdm?d=n https://sharechat.com/post/3NNmngdm?d=n&referrer=otherShare

Leave a Comment